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सिंगरौली: कलेक्टर के निर्देश पर बलिया नाला में कोयला युक्त पानी के प्रवाह मामले में त्वरित कार्रवाई।

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सिंगरौली: कलेक्टर के निर्देश पर बलिया नाला में कोयला युक्त पानी के प्रवाह मामले में त्वरित कार्रवाई, ₹63 लाख पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति एवं ₹25 लाख बैंक गारंटी जब्ती का प्रस्ताव।

(जिला ब्यूरो चीफ सिंगरौली अमरेन्द्र शुक्ला)

सिंगरौली:  जिले के बलिया नाला में वर्षा के उपरांत पुनः कोयला युक्त पानी के प्रवाह की सूचना प्राप्त होने पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री गौरव बैनल ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय अधिकारी, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सिंगरौली को तत्काल स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा विस्तृत जांच एवं निरीक्षण किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि दुधीचुआ कोयला खदान से निकलने वाले कोयला युक्त दूषित जल के प्रभावी नियंत्रण एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं किए जाने के कारण बलिया नाला में प्रदूषित जल का प्रवाह हुआ। जांच में यह भी पाया गया कि पूर्व में जारी निर्देशों एवं स्वीकृत समयबद्ध कार्ययोजना के अनुरूप आवश्यक कार्य समय सीमा में पूर्ण नहीं किए गए तथा बोर्ड द्वारा निर्धारित सहमति (Consent) की शर्तों का भी पूर्णतः पालन नहीं किया गया।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सक्षम प्राधिकारी को कठोर वैधानिक कार्रवाई हेतु प्रस्ताव प्रेषित किया गया है। प्रस्ताव में प्रमुख रूप से—

खदान प्रबंधन द्वारा समयबद्ध कार्ययोजना का पालन नहीं करने पर जमा ₹25 लाख की बैंक गारंटी जब्त किए जाने का प्रस्ताव।

 बलिया नाला में कोयला युक्त दूषित जल के प्रवाह को रोकने हेतु प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था स्थापित न किए जाने के कारण लगभग ₹63 लाख की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) अधिरोपित किए जाने का प्रस्ताव।

⁠ ⁠जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के अंतर्गत सक्षम न्यायनिर्णायक प्राधिकारी के समक्ष विधिक कार्रवाई की स्वीकृति का प्रस्ताव।

कलेक्टर श्री बैनल ने स्पष्ट किया है कि जिले में पर्यावरण प्रदूषण एवं जल स्रोतों को दूषित करने संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यावरणीय मानकों एवं वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा जिले के प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण हेतु प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।

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